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ख्रीस्त-दिवस(एक्समस-डे पर विशेष स्वन्त्र रचना )

(सारे चित्र 'गूगल-खोज'से साभार)

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त्यागी औ वैरागी कोई’ ‘सेंटाक्लाज’ जैसा हो तो,

दुनियाँ में ‘घृणा’ का न कहीं कोई काम हो |

‘कलह’ और ‘हिंसा’ आदि, मन में रहें न कहीं’,

व्यर्थ ‘रक्त-पात’ पर, पूर्णत: विराम हो ||

चारों ओर ‘शान्ति’ के ‘वन-बाग’ फूलें फलें,

सभी के ‘ह्रदय’ में और, ‘प्रेम’ का सु-धाम हो ||

भेद तो गरीब औ अमीर में कहीं न रहे,

‘प्रगति-प्रयास’ सारे, सदा निष्काम हों ||१||


‘’भलाई’ का है प्रतीक’, ‘दान’ की दिलाए याद,

सचमुच ‘बड़ा दिन’, ‘ख्रीस्त का दिवस’ है |

जहाँ जहाँ ‘प्रेम’ होगा, ‘मानवता’ जहाँ होगी,

समझो कि वहाँ वहाँ, ‘ईसा’का ही ‘यश’ है ||

‘मानवीय सेवा-व्रती’, ‘अवतार’ प्रभु’ का था,

‘ख्रीस्त धर्म’ उसी के, ‘प्रयास’ का ‘स्वरस’ है ||

सभी धर्मों के लिये, एक जैसी ‘भावना’ हो,

‘धर्म’ सभी अलग हैं, व्यर्थ की बहस है ||२||

 

‘सर्व-धर्म-एकता’ हो, लक्ष्य सारे विश्व का ही,

सभी धर्मों के लिये, ‘पूर्ण सम भाव’ हो !

जहाँ जो भी ‘धर्म’ हों वे, पनपें औ फूलें फलें,

कहीं किसी देश में न, ‘आपसी दुराव’ हो !!

यही ‘सीख’ ‘महा सन्त निकोलस’ की है हमें,

एक-दूसरे’ से जुड़ें, सब का ‘स्वभाव’ हो !!

‘प्रीति की सुराही’, ‘मृदु रस’ से भरी हो सदा,

इस में न हो ‘दरार’, और न ‘रिसाव’ हो !!३||

 
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मेरे ब्लॉग 'साहित्य-प्रसून' पर 'क्रिसमस-दिवस' पर 

आप का स्वागत है !


   

    

Virendra Kumar Sharma  – (24 December 2013 at 22:24)  

बड़ा दिन ईसा का अवतरण दिवस मुबारक।

क्रिसमस दिवस (Xmas Day )पर सर्व समावेशी उद्गारों की रचना प्रस्तुत की है आपने।

कविता रावत  – (25 December 2013 at 03:55)  

बहुत सुन्दर मनोकामना से भरी सुन्दर प्रस्तुति ..
क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें!

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