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प्यार करें हम

  


आओ दो पल प्यार करें हम |
मरुधर में रस धार भरें हम ||
    


वीणा सोई सुप्त तराने -
जागृत सक्रिय तार करें हम ||

 
चार दिनों  की मिले ज़िंदगी -
क्यों कुछ् दिन बेकार  करें हम ??
 
सच है, यह संसार सार है |
क्यों इसको निस्सार करें हम ||
 


विप्लव है मन के सागर में -
शान्त अब यह ज्वार करें हम ||
  
कई 'आग्रह हुए नुकीले -
इन पर चलो प्रहार करें हम ||
 
"प्रसून"प्यासा, मिलन के लिये -
जिन्दा कोंई बहार करें हम || 
        



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